वनों में अग्नि घटनाओं पर तत्काल कार्यवाही के लिए सूचना नियंत्रण कक्ष स्थापित


 गरियाबंद, 10 फरवरी 2024 | ग्रीष्म काल प्रारम्भ होते ही वनों में आग लगने की घटना प्रायः होती है, जंगल की आग से होने वाले पेड़ों का नुकसान जलवायु परिस्थितियों को बाधित कर सकता है, जिससे कार्बन श्रृंखला टूटने का खतरा है। जंगल की आग से कई जानवरों की मौत भी हो जाती है, वहीं कुछ जानवरों के आवास नष्ट हो जाते है, जिससे वे शहरों और गांवो की तरफ भागने लगते है। आग से वनों में पाई जाने वाली वनस्पति और जीव नष्ट हो जाते है। वर्ष 2024 में अग्नि वर्ष 15 फरवरी से प्रारंभ हो रहा हैं, तथा वनों को अग्नि से बचाना विभाग की प्रथम प्राथमिकता है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के निर्देशानुसार वनों में घटित अग्नि घटनाओं पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए अग्नि घटना सूचना नियंत्रण कक्ष (मोबाईल नंबर +91-8817432397) गरियाबंद वनमण्डल गरियाबंद कार्यालय में स्थापित किया गया है। वनक्षेत्र में अग्नि घटना होने (आग लगने) पर तत्काल कॉल, एस.एम.एस., व्हाट्सप, फोटो, विडियो के माध्यम से ऊपर दिये गये मोबाईल नंबर पर सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा वनों की आग से सुरक्षा के लिए वन कर्मियों की सहायता कर सकते हैं। वन विभाग द्वारा अग्नि पट्टियों व निर्धारित क्षेत्रों में नियंत्रित दाहन किया जाता है, उनकी देख रेख करें। 

आग लगने की सूचना देने व ग्रामवासियों को आग बुझाने हेतु एकत्रित करने के लिए अग्निरक्षक या वन रक्षक को सहयोग प्रदान करें। वनों के निकट अपने खेतों में कृषि अपशिष्ट जलाने के समय सर्तकता बरतें, कृषि अपशिष्ट जलाने के लिए ऐसा समय निर्धारित करें, जब हवा न चल रही हो व आग बुझाने के लिए पर्याप्त व्यक्ति या संसाधन उपलब्ध हों, कृषि अपशिष्ट जलाने के बाद सुनिश्चित करें कि आग की कोई भी चिंगारी शेष न रहे, सड़कों के किनारे (वनों के किनारे अथवा बीच से गुजरने वाली ) कार्य करने वाले श्रमिकों को चाय अथवा भोजन बनाने के लिए आग जलाने से रोके, ताकि आग निकटवर्ती वन क्षेत्र में न फैले। साथ ही यह ध्यान रखे कि वनों या उसके आस-पास के क्षेत्रों में आग न जलाये। चरवाहों एवं राहगीरों द्वारा धूम्रपान करने से भी आग लग सकती है। वन क्षेत्र में धूम्रपान न करें और न माचिस पास में रखें। 

वन क्षेत्र से शहद, महुआ के फूल अथवा अन्य किसी गैर प्रकाष्ठ वन उत्पाद के संग्रहण के लिए आग का प्रयोग न करें, अवांछनीय व असामाजिक तत्वों द्वारा जान बूझकर वन क्षेत्र में आग लगाए जाने पर उनकी गिरफ्तारी के लिए वन विभाग व पुलिस विभाग के कर्मचारियों को सहयोग करें। वाहनों में सफर करते समय यात्रियों द्वारा धूम्रपान कर लापरवाही से जलती हुई बीड़ी, सिगरेट के टुकड़े व माचिस की तीली बाहर फेंकने से आग लग सकती है, ऐसा करने से बचे। वनों की आग से सुरक्षा करने में सहायता करें। वनों में आग लगने की सूचना तत्काल निकटतम वन चौकी या वन कर्मियों अथवा अग्नि घटना सूचना नियंत्रण कक्ष (मोबाईल नंबर +91-8817432397 ) पर दे।








                                                                                                                    प्रीति जोशी की रिपोर्ट 

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